नेशनल हेराल्ड केस यंग इंडिया का दफ्तर सील ईडी का बड़ा एक्शन कांग्रेस मुख्यालय पर सुरक्षा बढ़ाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को दिल्ली में यंग इंडिया के कार्यालय को सील कर दिया. साथ ही ईडी ने निर्देश दिया कि एजेंसी की अनुमति के लिए बिना परिसर न खोला जाए. वहीं दिल्ली में AICC मुख्यालय। के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

ईडी ने मंगलवार को सोनिया गांधी-राहुल गांधी की कंपनी यंग इंडिया के स्वामित्व वाले नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े दिल्ली और कोलकाता समेत देशभर के 12 ठिकानों पर छापा मारा. उसने दिल्ली स्थित बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस में भी छानबीन की थी. जानकारी सामने आई कि ईडी ने हेराल्ड हाउस की चौथी मंजिल पर छानबीन की. यहां नेशनल हेराल्ड का पब्लिकेशन ऑफिस है. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हेराल्ड हाउस पहुंच कर जोरदार प्रदर्शन भी किया.
डंडी की इस कार्रवाई के बाद राहुल गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट भी लिखा था. उन्होंने इसमें लिखा कि खुद को अकेला मत समझना, कांग्रेस आपकी आवाज़ है और आप कांग्रेस की ताकत न हम डरेंगे और इन्हें डराने देंगे. खुद को अकेला मत समझना, कांग्रेस आपकी आवाज है. और आप कांग्रेस की ताकत, तानाशाह के हर फरमान से, जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश से हमें लड़ना है. आपके लिए, मैं और कांग्रेस पार्टी लड़ते आ रहे हैं, और आगे भी लड़ेंगे.
वहीं कांग्रेस सांसद उत्तर रेड्डी ने ईडी के छापेमारी को लेकर कहा था कि यह चौकाने वाला है. यह राजनीतिक बदले के अलावा कुछ भी नहीं

1960 के बाद AJL वित्तीय दिक्कतों से जूझने लगा. इसपर कांग्रेस पार्टी मदद के लिए आगे आई और AJL को बिना ब्याज वाला लोन दिया. फिर अप्रैल 2008 में AJL ने अखबारों का प्रकाशन बंद कर दिया. फिर 2010 में पता चला कि AJL को कांग्रेस पार्टी का 90.21 करोड़ रुपये कर्ज चुकाना है.

इसी बीच 2010 में ही 23 नवंबर को Young Indian Private Limited नाम से कंपनी बनती है. इसके दो पार्टनर थे. पहला सुमन दुबे और दूसरे सैम पित्रोदा, इस कंपनी को नॉन प्रोफिट कंपनी बताकर रजिस्टर कराया गया था. फिर अगले महीने दिसंबर की 13 तारीख को राहुल गांधी को इस कंपनी में डायरेक्टर बनाया जाता है. फिर कुछ दिनों बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने AJL के सभी ऋण कोथंग इंडियन को ट्रांसफर करने पर सहमति व्यक्त करती है.

इसके बाद जनवरी 2011 में सोनिया गांधी ने यंग इंडियन के डायरेक्टर का पदभार ग्रहण किया. इस समय तक सोनिया और राहुल गांधी बाद में कानूनी दिक्कत तब शुरू हुई जब अगले महीने यंग इंडियन (YI) ने कोलकाता स्थित आरपीजी समूह के स्वामित्व वाली कंपनी डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड से 1 करोड़ रुपए का ऋण लिया है

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