द्रौपदी मुर्मू बन गयीं देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति, देश में जश्न का माहौल

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बन गयी हैं। द्रौपदी मुर्मू ने सभी राउंड की गिनती के बाद विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 3,16,715  मतों के भारी अंतर से पराजित किया है। द्रौपदी मुर्मू को मिले कुल मतों का वोट वैल्यू 5,77,777 रहा। जबकि यशवंत सिन्हा के पक्ष में पड़े मतों का वोट वैल्यू 2,61,062 रहा। द्रौपदी मुर्मू को जीत के लिए 5.43,261 मतों की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें इससे कहीं ज्यादा मत प्राप्त हुए।

मतगणना के प्रथम चरण में द्रौपदी मुर्मू को सांसदों के कुल 540 मत मिले जबकि यशवंत सिन्हा के पक्ष में 208 सांसदों के मत पड़े। द्रौपदी मुर्मू को सांसदों के जितने मत मिले उनका वोट वैल्यू 3,78,000 रहा जबकि यशवंत सिन्हा का वोट वैल्यू 1,45,600 रहा। वहीं विधायकों के कुल पड़े मतों की तीन राउंड गिनती हुई जिसमें से द्रौपदी मुर्मू को कुल  मत मिले जबकि यशवंत सिन्हा के पक्ष में विधायकों ने  वोट डाले। द्रौपदी मुर्मू को विधायकों के पड़े मतों का वोट वैल्यू  रहा जबकि यशवंत सिन्हा का वोट वैल्यू  रहा।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतगणना हुई थी। मतदान में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में एनडीए के नेताओं का जबर्दस्त और पूरा समर्थन तो था ही। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी खुल कर उन्हें समर्थन दिया। मतदान में विपक्षी दलों में से झामुमो, अकाली दल, सुभासपा, शिवसेना, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल समेत कई गैर एनडीए दलों ने द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया।

दिल्ली से रायरंगपुर तक जश्न का माहौल

द्रौपदी मुर्मू की इस जीत का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है। दिल्ली से लेकर द्रौपदी मुर्मू के पैतृक शहर ओडिशा के रायरंगपुर तक जश्न का माहौल तो है ही, पारम्परिक नृत्य संगीत की लहरियों के साथ लड्डूओं की सोंधी खुशबू हवाओं में घुली हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस जश्न को और भी खास बना दिया। पीएम मोदी अपनी पूरी कैबिनेट के साथ नयी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आवास पर जाकर उन्हें बधाई दी। यही नहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने एक भव्य रैली निकालकर जीत का जश्न मनाया। यह सब आखिर क्यों न हो, इस जीत के साथ द्रौपदी मुर्मू ने एक साथ कई रिकॉर्ड जो बना दिया है।

देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति

देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाली द्रौपदी मुर्मू पहली आदिवासी महिला नेता बन जाएंगी। इससे पहले केआर नारायणन और रामनाथ कोविंद के रूप में देश को दो दलित राष्ट्रपति मिले हैं।

आजाद भारत में पैदा हुई पहली राष्ट्रपति

द्रौपदी मुर्मू पहली राष्ट्रपति हैं, जो 1947 में देश को आजाद मिलने के बाद जन्मी हैं। क्यें कि भारत में अभी तक जितने भी राष्ट्रपति बने हैं, उनका जन्म देश को आजादी मिलने से पहले हुआ है। द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून, 1958 को हुआ है।

पार्षद से राष्ट्रपति तक का सफर

द्रौपदी मुर्मू के नाम एक और खास रिकॉर्ड बना है। वह पहली राष्ट्रपति हैं जो पार्षद, विधायक, राज्यपाल बनने के बाद इस मुकाम तक पहुंचा है। द्रौपदी मुर्मू 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत का पार्षद बनी। 2000 में विधायक बनीं। 2015 में राज्यपाल बनीं और अब राष्ट्रपति।

सबसे कम आयु की राष्ट्रपति

द्रौपदी मुर्मू सबसे कम आयु की राष्ट्रपति बनी हैं।  इससे पहले देश में सबसे कम आयु में राष्ट्रपति बनने का रिकॉर्ड नीलम संजीव रेड्डी के नाम पर है। जब नीलम संजीव रेड्डी राष्ट्रपति बने थे उस वक्त उनकी आयु 64 वर्ष, 2 महीने और 6 दिन थी। जबकि द्रौपदी मुर्मू पद ग्रहण करते वक्त 64 साल, 1 महीना और 8 दिन होगी।

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