CG UNIVERSITY RESULT विश्वविद्यालय की सभी BA / BSc /BCom छात्र छात्राओं के लिए जारी हुई अधिसूचना

CG UNIVERSITY RESULT विश्वविद्यालय की सभी BA / BSc /BCom छात्र छात्राओं के लिए जारी हुई अधिसूचना

शिक्षा सत्र 2021-22 के दौरान गणित में 95 प्रतिशत, जीव विज्ञान में 92 प्रतिशत, कॉमर्स में 85 फीसदी और आर्ट्स में 71 फीसदी अंक पर प्रवेश बंद हो गया था। साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसआर कमलेश सीएमडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय सिंह का कहना है कि शिक्षा सत्र 2022-23 में कट ऑफ मार्क्स 10 फीसदी कम हो सकते हैं।

गणित में 86 जीव विज्ञान में 85, कॉमर्स में 80 फीसदी तक अंक जा सकते हैं। वहीं शहर के साइंस कालेज जेपी वर्मा कॉलेज, बिलासा गर्ल्स कॉलेज, सीएमडी और डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी और बीकॉम करना हो तो 12वीं कक्षा में कम से कम 85% अंक और बीए में 65% अंक जरूरी होंगे। पिछले साल इन कॉलेजों में बीए का कट < ऑफ मार्क्स 70% में क्लोज हुआ था । माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस साल 12वीं में 15 हजार 834 छात्र पास हुए हैं। कला संकाय के 6878, विज्ञान संकाय में 5597 और वाणिज्य संकाय में 2590 छात्र पास हुए हैं।

6 हजार 358 छात्र 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले हैं। जबकि सत्र 2020-21 में 98.65 प्रतिशत रिजल्ट था। 10 हजार 712 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। सत्र 2019-20 में 16 हजार 539 छात्र पास हुए थे। 6118 छात्र 60 प्रतिशत से अधिक अंक पाए थे। ऐसे में इस बार पिछले सत्र की अपेक्षा कॉलेजों में प्रवेश का कट ऑफ गिरेगा। इसके छात्र और अभिभावक कॉलेजों की तलाश करने लगे हैं। साथ ही वहां प्रवेश के लिए न्यूनतम अंक के बारे में भी विचार विमर्श करने लगे हैं।

एयू के कॉलेजों में स्नातक में 24 हजार 880 सीटें

कॉलेजों में पिछले साल की तुलना में इस प्रतिस्पर्धा कम होगी, लेकिन शहर के नामचीन कॉलेजों में प्रवेश आसान नहीं होगा। कट ऑफ मार्क्स कम होने का बड़ा कारण है कि इस बार 12वीं कक्षा में 15,834 परीक्षार्थी पास ही सफल हो पाए हैं। अटल यूनिवर्सिटी के 97 कॉलेजों में 24 हजार 880 सीटें हैं। पिछले सत्र में 10 नए कॉलेज भी खुले हैं। इसके कारण छात्रों को इस प्रवेश में और भी आसानी होगी।

आधे बच्चे दूसरे जिलों से .. इसलिए दिक्कतें इस बार भी 12वीं के बाद अन्य जिलों के बच्चे बिलासपुर तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में यहां के गैप और जनरल कैटेगरी के कम प्रतिशत पाने वाले बच्चों को प्रवेश में काफी दिक्कत आती है। व्यापमं की पीईटी और पीपीएचटी हो गई है। आईआईटी और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए जून, जुलाई और अगस्त में जेईई मेंस, जेईई एडवांस, नीट की परीक्षा होगी। बीएड, डीएलएड, नर्सिंग आदि व्यावसायिक विषयों में प्रवेश चयन परीक्षाएं से होगी। इसके बाद कॉलेज में एडमिशन की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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